
- आजादी मिले…
- राष्ट्रकवी. संजय मुकुंदराव निकम.मालेगाव जिल्हा.नासिक,महाराष्ट्र मो.नं.9226764035
आजादी मिले हुये साल दस ॥
हिंदू और मुस्लीमो में कश्मकश ॥
आजादी मिले हुये साल बीस ।
नेता-नेताओ में चले बंदिश ॥
आजादी मिले हुये साल तीस ।
महंगी धीरे धीरे हुई सब चीज ॥
आजादी मिले हुये साल चालीस ।
लोग करे आगे बढने की कोशिश ॥
आजादी मिले हुये साल पचास ।
नेताओं से जनता का उडे विश्वास ॥
आजादी मिले हुये साल साठ ।
नेता ही कराने लगे अब दंगा फसाद ॥
आजादी मिले हुये साल सत्तर ।
देश की हालत हो गयी रे बत्तर ॥
आजादी मिले हुये साल अस्सी
लोकतंत्र को नेता ही दे रहे फाँसी ॥
आजादी मिले हुये साल नब्बे ।
भ्रष्टाचारी लगाये देश को धब्बे ॥
आजादी मिले हुये साल सौ ।
लोकतंत्र की कैसे जय हो ॥
राष्ट्रीय कवी. संजय मुकुंदराव निकम.मालेगाव जिला.नासिक,महाराष्ट्र मो.नं.9226764035
